Police on Duty. (कर्तव्य पथ पर पुलिस)

इनकी अपनी धार है, कंधों पे इनके भार है,
देशभक्ति-जनसेवा, करते अपार हैं।

हर पल ये, हर क्षण ये, दिन में ये, रात में ये,
शीत में-निदाघ में ये, बसंत में-विषाद में ये,
भीषण बरसात में ये, ये करते कर्मदान हैं,
        इनकी अपनी धार है, कंधों पे इनके भार है।

चोर हो, डकैत हो, शोषी या लठैत हो,
दुष्ट या आखेट हो, आतंकी या घुसपैठ हो,
ना राजा,कोई तंत्र है, बस इनका एक मंत्र है,
दहन-सहन करके भी, ये सबका शमन करते हैं,
        इनकी अपनी धार है, कंधों पे इनके भार है।

चाहे भीड़ हो त्योहार की,या विरोध में हज़ार की,
बेफ़िक्र हैं ये जान को, तत्पर हैं भू की आन को,
विधि के विधान को, न्याय के सम्मान को,
चपला सी चाल से, ये सेवा बेमिसाल करते हैं,
       इनकी अपनी धार है, कंधों पे इनके भार हैं।

जन-जनित आपदा में, प्रकृति की विपदा में,
दहशत की फिज़ा में,फिजूल की सजा में,
ना पक्ष-ना विपक्ष है, बस इनका एक लक्ष्य है,
शांति-सुरक्षा को, ये फिर बहाल करते हैं,
       इनकी अपनी धार है, कंधों पे इनके भार है।

Shubham Agnihotri

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